गुलाब सिंचाई गुलाब में समय-समय पर सिंचाई एवं निराई-गुड़ाई करें तथा आवश्यकतानसुार बंडिग व इसके जमीन में लगाने का कार्य कर लें। माहूं, दीमक एवं सल्क कीट गुलाब में माहूं, दीमक एवं सल्क कीट के दिखाई देने पर तुरंत डाई मिथोएट 1.5 मि.ली. प्रति लीटर पानी में या मोनोक्रोटोफॉस 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी में घोलकर 2-3 छिड़काव करना चाहिए। दीमक का नियंत्रण दीमक के नियंत्रण हेतु सिंचाई करनी चाहिए तथा फोरेट 10 जी 3 से 4 ग्राम या फॉलीडाल 2 प्रतिशत धूल 10 से 15 ग्राम प्रति पौधा गुड़ाई करके भूमि में अच्छी तरह मिला देना चाहिए। रजनीगंधा रजनीगंधा के बल्बों की रोपाई हेतु क्यारियों में 45 सें.मी. गहरी खुदाई करके 15 दिनों के लिए छोड़ दें। एल्स्ट्रोमीरिया एल्स्ट्रोमीरिया में स्टेकिंग, कारनेशन को खेतों में लगाना। जरबेरा, लिलियम में निराई-गुड़ाई एवं पानी देना । ग्लैडियोलस ग्लैडियोलस की मुड़ी हुई टहनियों को निकाल दें तथा आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। स्त्राेत : खेती पत्रिका, राजीव कुमार सिंह, विनोद कुमार सिंह, कपिला शेखावत, प्रवीण कुमार उपाध्याय, एस.एस. राठौर और अवनि कुमार सिंह, सस्य विज्ञान संभाग एवं संरक्षित खेती और प्रौद्योगिकी, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012